जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची पर उनके चुनाव प्रचार टीम द्वारा चलाए गए कथित मानहानि अभियान को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब देने में व्यस्त रहने के कारण सरकारी कार्यों में बाधा आने की आलोचना हो रही है। उन्होंने सोमवार को कहा कि इस मामले में बार-बार पूछताछ उनके प्रधानमंत्री के तौर पर दायित्वों को निभाने में समय निकाल रही है। इस बयान के बाद विपक्षी दलों और जनता से तीखी प्रतिक्रिया आई है। आलोचकों का कहना है कि ताकाइची इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही हैं और अपनी जिम्मेदारी से बच रही हैं। यह विवाद जापान की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है, क्योंकि प्रधानमंत्री पर अपनी टीम के कार्यों की जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस घटनाक्रम से ताकाइची की छवि और सरकार की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है।
