जापान के नेतृत्व में, पूर्वी एशिया में तनाव और संभावित संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हाल ही में, फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन में जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने महत्वपूर्ण खनिजों के भंडार को समन्वित करने का प्रस्ताव रखा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय शांति और आर्थिक सहयोग के लिए जापान की रचनात्मक भूमिका को कमजोर करता है। इस प्रस्ताव से क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है, क्योंकि यह अन्य देशों के साथ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे सकता है। जापान पर क्षेत्रीय शांति और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए अधिक दूरदर्शिता दिखाने का दबाव बढ़ रहा है। यह प्रस्ताव पूर्वी एशिया में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा सकता है।