जापान की अर्थव्यवस्था में दूसरी तिमाही में धीमी वृद्धि दर्ज की गई है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में केवल 0.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो कि विकास के पूर्वानुमानों से काफी कम है। खपत और पूंजी व्यय में गिरावट के कारण यह मंदी आई है। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और घरेलू मांग में कमी के कारण यह स्थिति बनी है। सरकार अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त उपायों पर विचार कर सकती है। इस धीमी वृद्धि से जापान के आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं। यह स्थिति जापानी येन और शेयर बाजार पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।