जापान के केंद्रीय बैंक (बीओजे) ने हाल ही में जारी किए गए अपने नीतिगत सारांश में मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों के बीच ब्याज दरों में वृद्धि के अपने रुख को दोहराया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब येन डॉलर के मुकाबले 1986 के बाद अपने सबसे निचले स्तर के करीब है। बाजार में इस बात की प्रबल संभावना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस वर्ष ब्याज दरें बढ़ाएगा। बीओजे का यह कदम जापानी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के प्रयासों का हिस्सा है। विश्लेषकों का मानना है कि बीओजे निकट भविष्य में अपनी मौद्रिक नीति में और बदलाव कर सकता है। येन के कमजोर प्रदर्शन से आयात महंगा हो सकता है, जिससे घरेलू मुद्रास्फीति और बढ़ सकती है। बीओजे की नीतिगत बैठक के निष्कर्षों पर बाजार और अर्थशास्त्रियों की निगाहें टिकी हुई हैं।
