शिन्या त्सुकामोटो की नई फिल्म वियतनाम युद्ध के एक पूर्व सैनिक के जीवन का अनुसरण करती है, जिसकी ज़िंदगी उसने देखी और उसमें शामिल हुई हिंसा से प्रेतवाधित थी। यह फिल्म युद्ध के गहरे मनोवैज्ञानिक प्रभावों को दर्शाती है, और नायक के आंतरिक संघर्षों को उजागर करती है। त्सुकामोटो ने वेनिस में फिल्म के प्रीमियर पर युद्ध के मैदान से दूर रहने की चेतावनी दी, शायद युद्ध की भयावहता के प्रति एक टिप्पणी के रूप में। यह फिल्म वियतनाम युद्ध के बचे लोगों के लिए एक मार्मिक श्रद्धांजलि है, और युद्ध के स्थायी निशान पर एक शक्तिशाली प्रतिबिंब है। फिल्म में हिंसा के चित्रण को लेकर निर्देशक ने दर्शकों को मानसिक रूप से तैयार रहने को कहा है। यह फिल्म उन लोगों के लिए एक जरूरी तमाशा है जो युद्ध के मानवीय परिणामों को समझना चाहते हैं।

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