जापान सरकार येन की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए पहले की तुलना में कम बयान दे रही है। जब अधिकारी बोलते भी हैं, तो वे अस्पष्ट और कमजोर टिप्पणियां करने से बच रहे हैं। यह चुप्पी मुद्रा बाजार में अनिश्चितता पैदा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जापान सीधे हस्तक्षेप करने से हिचकिचा रहा है। यह रणनीति बाजार को खुद से ठीक होने देने का संकेत दे सकती है। हालांकि, यह येन की कमजोरी को और बढ़ा सकती है, जिससे आयात महंगा हो जाएगा। बाजार अब जापान के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।