जापान की संसद ने शाही परिवार से जुड़े एक महत्वपूर्ण कानून में संशोधन किया है। इस नए कानून के तहत, पूर्व शाही परिवारों के अविवाहित पुरुष वंशजों को शाही परिवार में वापस अपनाने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, शाही परिवार की महिला सदस्यों को अब आम नागरिकों से विवाह करने के बाद भी अपनी शाही स्थिति बनाए रखने की अनुमति मिल जाएगी, जो पहले से ही पुरुषों के लिए उपलब्ध थी। हालांकि, यह संशोधन सिंहासन पर केवल पुरुषों के उत्तराधिकार के नियम को नहीं बदलता है, जिसका अर्थ है कि जापान में अभी भी महिला सम्राट नहीं हो सकती हैं। यह कानून शाही परिवार में सदस्यों की संभावित कमी को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह संशोधन लैंगिक समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस बदलाव से शाही परिवार की भविष्य की पीढ़ियों पर असर पड़ेगा।