जापान के केंद्रीय बैंक ने ३१ वर्षों में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं। यह दरें ०.२५ प्रतिशत बढ़ाकर १ प्रतिशत कर दी गई हैं। इस कदम का उद्देश्य ईरान में चल रहे युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को कम करना है। विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय जापान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। यह वृद्धि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। बैंक का कहना है कि भविष्य में ब्याज दरों में और बदलाव की संभावना है, जो आर्थिक स्थितियों पर निर्भर करेगी। यह निर्णय जापान की मौद्रिक नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।
