जापान के न्याय मंत्रालय ने 7-8 अगस्त को सिफारिशों की एक श्रृंखला जारी की है। इन सिफारिशों का उद्देश्य मशहूर हस्तियों और वॉयस एक्टर्स के अधिकारों की रक्षा करना है। एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) द्वारा आवाज के दुरुपयोग से होने वाले जोखिमों को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि एआई तकनीक का उपयोग करके किसी की आवाज को आसानी से दोहराया जा सकता है, जिससे गलत इस्तेमाल की संभावना है। मंत्रालय का मानना है कि इन सिफारिशों से आवाज की पहचान और उसके अधिकार सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। सिफारिशों में एआई आवाज के उपयोग को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कलाकारों की सहमति के बिना उनकी आवाज का उपयोग न किया जाए।