जमात-ए-इस्लामी ने संपत्ति हस्तांतरण कानून को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार को चेतावनी दी है। मिया গোলাম परওয়ার ने एक सभा में कहा कि सरकार ने संपत्ति हस्तांतरण कानून में संशोधन करके कुरान और सुन्नह के प्रावधानों के साथ सीधा टकराव किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संशोधन धार्मिक मूल्यों के खिलाफ है। जमात-ए-इस्लामी ने इस कानून को रद्द करने की मांग करते हुए आंदोलन को तेज करने की धमकी दी है। पार्टी का कहना है कि यह कानून मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस मामले में सरकार से बातचीत करने की कोशिशें विफल रही हैं, जिसके कारण जमात-ए-इस्लामी ने आंदोलन का रास्ता चुना है। पार्टी ने आगे की कार्रवाई की घोषणा जल्द ही करने की बात कही है।

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