जमात-ए-इस्लामी पार्टी संसद में संयमित रुख अपना रही है, वहीं सड़कों पर अपनी सक्रियता बनाए हुए है। पार्टी स्थानीय चुनावों की तैयारी में भी जुटी हुई है। संसद में शांत रहने के बावजूद, जमात सड़कों पर दबाव बनाए रखने की रणनीति अपना रही है। यह पार्टी आगामी स्थानीय चुनावों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर तैयारी कर रही है, और मतदाताओं तक पहुंचने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। पार्टी का यह दोहरा दृष्टिकोण – संसद में संयम और सड़कों पर सक्रियता – उसकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि जमात इस रणनीति के माध्यम से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और जनता के बीच अपनी पैठ बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
