जमाअत-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने राष्ट्रीय संसद में বিএনপি सांसद মনিরुल हक चौधरी द्वारा महिला सदस्यों के पहनावे पर की गई टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में अभद्र भाषा और अनुचित व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा। रहमान ने संसद के भीतर एक गरिमापूर्ण और सुंदर वातावरण बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान और प्रेम दोनों तरफ से होना चाहिए, न कि केवल एक पक्ष से। उनके अनुसार, संसद में सकारात्मक माहौल बनाने की प्राथमिक जिम्मेदारी सत्ताधारी दल की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में जिम्मेदारी निभाते हुए मर्यादा बनाए रखेगी। यह बयान संसदीय चर्चाओं में शालीनता और आपसी सम्मान की मांग को रेखांकित करता है।