जमायत-ए-इस्लामी के अमीर ने शनिवार को सिलहट में एक स्थानीय दैनिक के स्थापना दिवस समारोह में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए त्रिपुरा में हुई एक बैठक के बारे में बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि यह बैठक केवल एक शिष्टाचार भेंट होती तो मामला अलग होता। इस बयान से त्रिपुरा में हुई बैठक के राजनीतिक निहितार्थों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। अमीर ने बैठक के उद्देश्य पर स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि यह एक सामान्य शिष्टाचार भेंट से अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है। यह घटनाक्रम त्रिपुरा की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जमायत-ए-इस्लामी एक प्रभावशाली संगठन है। इस मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।

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