जकार्ता के गवर्नर प्रामोनो अनंग ने उलेमा और हबीबों के वार्षिक स्मरणोत्सव को जकार्ता के नागरिकों के लिए एक नई परंपरा बनाने की इच्छा व्यक्त की है। यह आयोजन पहली बार आयोजित किया गया था और इसका उद्देश्य शहर के इस्लामी इतिहास और संस्कृति को बढ़ावा देना है। गवर्नर का मानना है कि यह कार्यक्रम जकार्ता के लोगों के बीच एकता और सद्भाव को मजबूत करेगा। इस पहल से शहर की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। स्थानीय समुदाय और धार्मिक नेताओं ने इस पहल का स्वागत किया है। यह स्मरणोत्सव जकार्ता की सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। भविष्य में, इस कार्यक्रम को और अधिक व्यापक बनाने की योजना है।
