विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि अमेरिका अपनी पसंद से एक अधिक एकाकी शक्ति बन रहा है। उन्होंने वैश्विक मामलों में अमेरिका की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए यह बातें कहीं। जयशंकर ने सुझाव दिया कि अमेरिका वैश्विक सहयोग से हटकर अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशीलता कम हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया बदल रही है और भारत को अपनी विदेश नीति को इन परिवर्तनों के अनुरूप ढालने की आवश्यकता है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत एक बहुध्रुवीय दुनिया का समर्थन करता है और सभी देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है। यह टिप्पणी अमेरिका की विदेश नीति में आए बदलावों और वैश्विक मंच पर इसके प्रभाव को लेकर चल रही बहस के बीच आई है। म्यूनिख में जयशंकर के बयान ने इस विषय पर नई बहस छेड़ दी है।