कुआलालंपुर में उच्च न्यायालय ने ट्रिनिटी एडवांस एसडीएन बीएचडी द्वारा इंडा वाटर कंसोर्टियम एसडीएन बीएचडी (आईडब्ल्यूके) के खिलाफ दायर 9 मिलियन रिंगित के मुकदमे को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने पाया कि ऋण संग्रहकर्ता ने अनुबंध का गंभीर उल्लंघन किया था। यह मामला पुनर्चक्रित रिकॉर्ड से संबंधित था। आईडब्ल्यूके के पक्ष में फैसला आने से कंपनी को 806,925 रिंगित की राशि मिली है। न्यायालय ने ट्रिनिटी एडवांस के दावे को अवैध ठहराया। इस निर्णय से आईडब्ल्यूके को राहत मिली है और कंपनी की प्रतिष्ठा बनी रही है। यह मामला अनुबंध संबंधी विवादों में एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।