इटली में, एक वेट्रेस को केवल पांच दिन काम करने के बाद नौकरी से निकाल दिया गया था। अब उसे अदालत द्वारा लगभग 60,000 यूरो का मुआवजा दिया जाएगा। अदालत ने फैसला सुनाया कि नियोक्ता ने कानून का उल्लंघन किया था। यह मामला महिला के आधिकारिक अनुबंध शुरू होने से पहले की घटनाओं पर केंद्रित था। नियोक्ता द्वारा की गई गलती के कारण उसे यह मुआवजा मिला है। इस फैसले से कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा होती है और समान परिस्थितियों में अन्य लोगों के लिए एक मिसाल कायम होती है। यह घटना इटली में श्रम कानूनों के महत्व को दर्शाती है।