हाल ही में, एक युवा महिला को नवजातकों की हत्या के आरोप में 24 साल और 3 महीने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि महिला को अपनी गर्भावस्था के बारे में पता था और उसने बच्चों की हत्या की पूर्व योजना बनाई थी। न्यायाधीशों के अनुसार, महिला का इरादा बच्चे को जन्म देने और फिर उसे खत्म करने का था। यह हत्या बिना किसी पछतावे के की गई थी। मामले की जांच में यह बात सामने आई है कि महिला पूरी तरह से सचेत और दृढ़ थी जब उसने यह अपराध किया। अदालत ने इस फैसले को गंभीरता से लिया है और इसे एक जघन्य अपराध माना है। इस मामले ने समाज में नवजात शिशु सुरक्षा और मातृ मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला है।