मिलान की अपील अदालत ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से मार्को लुकारेली और फ्रांसेस्को अपोलोनी को बरी कर दिया है। अदालत ने फैसला सुनाया कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। न्यायाधीशों ने कहा कि 'हर उचित संदेह से परे उनकी जिम्मेदारी साबित नहीं हुई'। यह मामला एक कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा था, जहां सहमति को लेकर सवाल उठाए गए थे। अदालत ने माना कि सहमति दूषित नहीं थी, इसलिए आरोपियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इस फैसले से दोनों आरोपियों को बड़ी राहत मिली है और यह इटली में सहमति और यौन उत्पीड़न के मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। लुकारेली और अपोलोनी ने हमेशा आरोपों का खंडन किया था।