इज़राइल में चुनाव आयोग ने अरब दलों को संसदीय चुनाव में भाग लेने से रोकने का प्रयास किया था। इन दलों ने आयोग द्वारा दिए गए कारणों को “जातिवादी” बताया था। अब, सर्वोच्च न्यायालय ने इस फैसले को पलट दिया है। न्यायालय के इस फैसले से अरब दलों को चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय इज़राइल की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अरब मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा चुनावों का परिणाम प्रभावित कर सकता है। इस मामले ने इज़राइल में राजनीतिक बहस और अल्पसंख्यक अधिकारों के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। न्यायालय ने चुनाव आयोग के फैसले को गैरकानूनी पाया और तुरंत प्रभाव से इसे रद्द कर दिया।

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