इजरायली संसद, नेसेट ने ‘तोराह अध्ययन’ (Torah Study) कानून को पहली बार 63 वोटों के समर्थन और 53 वोटों के विरोध के साथ पारित कर दिया। इस कानून का उद्देश्य धार्मिक अध्ययन को बढ़ावा देना है। हालाँकि, इस कानून को लेकर इजरायली राजनीति में गहरा विभाजन नज़र आ रहा है। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी चार सदस्यों ने इस विधेयक के विरोध में मतदान किया, जिससे सरकार के भीतर असहमति उजागर हुई है। इस कानून के समर्थकों का कहना है कि यह यहूदी विरासत और पहचान को मजबूत करेगा। वहीं, विरोधियों का तर्क है कि यह कानून धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ है और संसाधनों का दुरुपयोग है। अब यह कानून आगे की विधान प्रक्रिया के लिए जाएगा।