इज़राइल की छवि को वैश्विक स्तर पर सुधारने के लिए तेल अवीव द्वारा खर्च किए गए करोड़ों डॉलर के बजट के बावजूद, देश की सुरक्षा स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। ऐसा लगता है कि यह धन वास्तविक स्थिति को छिपाने में विफल रहा है। यह हसबरा अभियान, जिसका उद्देश्य इज़राइल की सकारात्मक छवि को बढ़ावा देना था, अब प्रभावी नहीं रह गया है। अरबों डॉलर खर्च करने के बावजूद, इजरायल अपनी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बेहतर बनाने में विफल रहा है। यह विफलता इस सवाल को उठाती है कि क्या जनसंपर्क प्रयास राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को हल करने के लिए पर्याप्त हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि वास्तविक बदलाव लाने के लिए नीतिगत बदलाव और जमीनी हकीकत को संबोधित करना महत्वपूर्ण है। यह प्रकरण दर्शाता है कि केवल प्रचार से दीर्घकालिक सुरक्षा हासिल नहीं की जा सकती।