विएज़मैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के शोधकर्ताओं ने एक नई सांख्यिकीय विधि विकसित की है जो बाहरी अंतरिक्ष में जीवन का पता लगाने में मदद कर सकती है। इस विधि का उपयोग इज़राइली एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के 'यूरेका' नामक अंतरिक्ष यान में किया जाएगा। यूरेका 2030 के दशक में बृहस्पति के सबसे छोटे चंद्रमा तक पहुंचने की योजना है। यह मिशन बृहस्पति के चंद्रमा पर जीवन के संकेतों की तलाश करेगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह विधि जीवन की खोज में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। यह तकनीक अंतरिक्ष में जीवन की संभावनाओं को समझने में भी मदद करेगी। इस खोज से अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नए द्वार खुल सकते हैं।