लेबनान में एक पत्रकार, अमल खलील, अप्रैल में इजरायली हवाई हमले में मारी गईं। तीन गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने इस हमले को युद्ध अपराध बताते हुए इसकी निंदा की है। उनका आरोप है कि यह हमला जानबूझकर किया गया था। इजरायली सेना ने मामले की जांच की और अपनी ओर से "दुख" व्यक्त किया है, लेकिन उन्होंने इस आरोप का खंडन किया है कि यह जानबूझकर किया गया हमला था। एनजीओ का कहना है कि इजरायली सेना की जांच अपर्याप्त है और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है। इस घटना से लेबनान में पत्रकारों की सुरक्षा पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। यह मामला अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और युद्ध अपराधों के दायरे में आता है, जिसके लिए गहन जांच की आवश्यकता है।