यरूशलेम से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष की जैतून की फसल के दौरान इस्राइली बसने वालों ने फ़िलिस्तीनी किसानों पर हमला किया और उनके जैतून चुरा लिए। यह घटना फ़िलिस्तीनी किसानों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, जो अपनी आजीविका के लिए जैतून की खेती पर निर्भर हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बसने वालों ने जैतून के पेड़ों से जबरन जैतून तोड़े और किसानों को धमकाया। इस हमले की निंदा फ़िलिस्तीनी अधिकारियों और मानवाधिकार समूहों ने की है। इस्राइली सेना ने घटना की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह घटना पिछले कुछ वर्षों में फ़िलिस्तीनी किसानों के खिलाफ बसने वालों द्वारा हिंसा की एक श्रृंखला में नवीनतम है। इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में तनाव बढ़ाने और शांति प्रयासों को कमजोर करने की क्षमता रखती हैं।