इजरायली बसती हिंसा को ‘स्पष्ट राज्य प्रायोजित आतंकवाद’ बताया गया है। यह आरोप हाल की घटनाओं के संदर्भ में लगाया गया है, जिसमें अवैध इजरायली बस्तियों में रहने वाले लोगों द्वारा फिलिस्तीनियों पर हमले बढ़ गए हैं। इन हमलों में संपत्ति को नुकसान, शारीरिक हिंसा और जान-माल का भारी नुकसान शामिल है। आलोचकों का कहना है कि इजरायली सरकार इन हिंसाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है और अप्रत्यक्ष रूप से उनका समर्थन कर रही है। इस तरह की हिंसा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और शांति प्रक्रिया को गंभीर रूप से बाधित करती है। इस आरोप से इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया जा रहा है।