इजरायली संसद के स्पीकर, अमीर ओहाना ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को अस्वीकार कर दिया है जिसमें राज्य नियंत्रक के चुनाव को दोबारा कराने का अनुरोध किया गया था। यह चुनाव माइकल राबेलो की जीत के साथ संपन्न हुआ था, लेकिन इस चुनाव में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। आरोप है कि कुछ सांसदों को कथित तौर पर राबेलो के नाम को मतपेटी में डालते हुए वीडियो बनाने के लिए कहा गया था। स्पीकर ओहाना का कहना है कि संसद ने पहले ही राबेलो के पक्ष में फैसला दे दिया है और अब दोबारा चुनाव कराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उच्च न्यायालय के इस फैसले को अस्वीकार करने से राजनीतिक विवाद और बढ़ सकता है। राबेलो की नियुक्ति पर पहले से ही विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। यह मामला इजरायली राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों को उजागर करता है।