इजरायली सांसद अल्मोग कोहेन ने 7 अक्टूबर के हमले की 1,000वीं वर्षगांठ के स्मरणोत्सव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विरोध प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस दुखद घटना की याद दिलाना अनावश्यक है, क्योंकि यह स्मृति हर किसी के मन में ताजा है। कोहेन ने आरोप लगाया कि वामपंथी आंदोलनों द्वारा इस दिन को विशेष रूप से चिह्नित करना अनुचित है। उन्होंने विरोध प्रदर्शनकारियों की "अनादरपूर्ण" कार्रवाई को देश के लिए एक आपदा बताया। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शनकारियों के रवैये ने स्थिति को और खराब कर दिया। कोहेन का बयान इजरायली राजनीति में चल रहे गहरे ध्रुवीकरण को दर्शाता है। इस घटना ने इजरायल में शोक और गुस्से की लहर पैदा कर दी है।