इजरायली पत्रकार आइला हसोन ने आज ‘पज़रित’ मामले में हो रही घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आरोपी महिला अभी भी इजरायली सेना में ब्रिगेडियर के पद पर कार्यरत है और ब्रिगेडियर के रूप में पेंशन भी प्राप्त कर रही है। हसोन ने इसे “अत्याचार का अत्याचार” बताया। यह मामला इजरायल में एक बड़े विवाद का विषय बन गया है, क्योंकि एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस खुलासे के बाद जनता में आक्रोश फैल गया है और मामले की गहन जांच की मांग की जा रही है। हसोन के इस बयान ने मामले को और भी अधिक गरमा दिया है, और अब इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने की संभावना है। यह घटना इजरायली सेना की छवि पर भी सवाल खड़े करती है।