इजरायली लेखक एश्कोल नेवो को इटली के ‘लीब्रो पॉसिबिले’ नामक साहित्यिक समारोह में शामिल करने के विरोध में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में उन पर गाजा में जारी संघर्ष पर अपनी स्थिति स्पष्ट न करने और इजरायली सरकार की नीतियों की आलोचना न करने का आरोप लगाया गया है। याचिका पर मंफ्रेडोनिया के आर्कबिशप सहित कई लेखकों और बुद्धिजीवियों ने हस्ताक्षर किए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नेवो ने नेतन्याहू सरकार की नीतियों से दूरी नहीं बनाई है, इसलिए उन्हें समारोह में आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए। समारोह आयोजकों पर इस मामले में निर्णय लेने का दबाव है। यह घटनाक्रम साहित्य और राजनीति के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। इस मुद्दे ने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के संदर्भ में कलात्मक स्वतंत्रता और नैतिक जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है।