गाज़ा पट्टी में हमास का मुकाबला करने के लिए इज़राइल द्वारा समर्थित और हथियारों से लैस कई गुटों ने अपनी ताकत बढ़ाने का दावा किया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन समूहों ने अभी तक कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डाला है। ये समूह गाज़ा के स्वरूप को बदलने की बातें करते हैं, पर जमीनी हकीकत इससे अलग है। इज़राइली अधिकारियों को इस रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है कि क्या हमास की जगह बंदूकधारी गुटों को लाना एक उचित विचार है। आलोचकों का मानना है कि यह स्थिति गाज़ा में और अधिक अस्थिरता और अराजकता पैदा कर सकती है। इस पहल से हमास को हटाने के बजाय, यह अन्य गुटों को मजबूत कर रहा है, जिससे भविष्य में सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं। इस स्थिति पर इज़राइल में बहस छिड़ गई है कि क्या यह रणनीति वांछित परिणाम दे पाएगी।
