इज़राइल पर गाज़ा के फ़लस्तीनी शरणार्थियों को सोमालिलैंड, दक्षिण सूडान, सूडान, सोमालिया और लीबिया जैसे देशों में भेजने का प्रयास करने का आरोप लगा है। हालांकि, इन सभी देशों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है या किसी भी समझौते से इनकार किया है। यह कदम इज़राइल के फ़लस्तीनी क्षेत्र पर कब्ज़ा करने की मंशा को दर्शाता है, क्योंकि 'प्रवासन' की यह योजना, गाज़ा की आबादी को कम करने के उद्देश्य से प्रेरित लगती है। रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइल ने इन देशों से शरणार्थियों को स्वीकार करने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। यह स्थिति गाज़ा में मानवीय संकट को और बढ़ा सकती है, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस मामले पर चिंता व्यक्त कर रहा है। इस योजना के पीछे का उद्देश्य गाज़ा पट्टी से फ़लस्तीनी आबादी को स्थायी रूप से हटाने का हो सकता है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को जन्म दे सकता है।