इजराइल में आगामी चुनाव को देखते हुए, केंद्रीय चुनाव समिति, अटॉर्नी जनरल और पुलिस ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार, चुनाव दिवस पर सेना भर्ती से बचने वालों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। यह कदम 'मतदान के अधिकार के महत्व' को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। यह रोक विशेष रूप से उन हजारों उक्त्रा-ऑर्थोडॉक्स समुदाय के लोगों को राहत देगी जो सेना भर्ती से बचते रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। हालांकि, यह रोक केवल चुनाव दिवस के लिए ही है और इसके बाद सामान्य प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। इस फैसले से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा छिड़ गई है।
