इज़राइल के मीडिया में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, इज़राइली सेना अपनी समुद्री और उभयचर संचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। इस विश्लेषण में यह भी बताया गया है कि अमेरिका ने एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम में तुर्की की वापसी के लिए सहमति दे दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेल अवीव संभावित "तुर्की मोर्चे" की स्थिति के मद्देनजर अपनी नौसैनिक और हवाई शक्ति को फिर से संगठित कर रहा है। यह कदम तुर्की के सैन्य सामर्थ्य में संभावित वृद्धि को देखते हुए उठाया जा रहा है। विश्लेषण में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभाव पर प्रकाश डाला गया है। इज़राइल, तुर्की की सैन्य क्षमताओं को लेकर सतर्क है और अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उपाय कर रहा है।