अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति प्रयासों के बीच, इजराइल द्वारा इस प्रक्रिया को पटरी से उतारने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। संपादकीय में कहा गया है कि इजराइल, ईरान के साथ किसी भी समझौते को अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के लिए खतरा मान सकता है। संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण स्थापित करने और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए बातचीत कर रहा है। हालांकि, इजराइल लगातार ईरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर चिंता व्यक्त करता रहा है और उसने पहले भी ऐसी वार्ताओं को बाधित करने की कोशिश की है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इजराइल, अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए गुप्त अभियान चला सकता है। इस स्थिति में, अमेरिका के लिए दोनों देशों के बीच संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इस संभावित हस्तक्षेप से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।
