इजरायल और लेबनान के बीच चल रही अमेरिकी मध्यस्थता वाली वार्ता का नवीनतम दौर अब तक का सबसे कम उत्पादक रहा है, सूत्रों के अनुसार। ये वार्ता मुख्य रूप से समुद्री सीमा विवाद को हल करने के उद्देश्य से हो रही हैं। ये गतिरोध इस चिंता के कारण है कि अमेरिका-ईरान के बीच किसी भी समझौते में लेबनान को शामिल किया जा सकता है, जिससे इजरायल और लेबनान दोनों ही नाखुश हैं। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का रुख स्पष्ट है कि किसी भी अंतिम समझौते के तहत तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में शुल्क लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस गतिरोध से इस जटिल मुद्दे के समाधान की संभावना कम हो गई है। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है, जिससे भविष्य की वार्ताओं पर अनिश्चितता बनी हुई है। इस मामले में आगे की प्रगति के लिए नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
