इज़राइल की सरकार ने रविवार को एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार कर दिया। देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी सरकार ने इस तरह से अदालत के निर्णय की अनदेखी की है। इस कदम से इज़राइल में सत्ता के विभाजन का मौजूदा सिद्धांत पूरी तरह प्रभावित हुआ है। मंत्रियों का मानना है कि इस फैसले से भविष्य में न्यायिक हस्तक्षेप कम होगा। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इससे लोकतंत्र की सुरक्षा करने वाली अदालत की भूमिका कमजोर होगी। यह निर्णय शासन और न्यायपालिका के बीच एक बड़े टकराव को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक बदलाव ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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