इंडोनेशिया के उप विदेश मंत्री अनीस मट्टा के अनुसार, पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका और यूरोप का नैतिक समर्थन कम होने से इजराइल के अस्तित्व को लेकर गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले जो देश इजराइल का समर्थन करते थे, अब वहां की जनता में भी इस समर्थन को लेकर संदेह बढ़ रहा है। यह स्थिति इजराइल के लिए एक अस्तित्वगत संकट पैदा कर सकती है। मट्टा ने इस बदलते वैश्विक परिदृश्य को इजराइल के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया है। उनका मानना है कि पश्चिमी समर्थन में कमी से इजराइल की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति कमजोर होगी। इस बदलाव का इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, इजराइल को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता हो सकती है।