इज़राइल, लेबनान के दक्षिणी हिस्से में अपनी सेना बनाए रखने पर अड़ा हुआ है, और इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ उसकी बातचीत तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू के करीबी सूत्रों के अनुसार, इज़राइल किसी भी दबाव में नहीं आने वाला है और लिटानी नदी के दक्षिण में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखेगा। इज़राइल, लेबनान, गाजा और सीरिया में कब्ज़ा किए गए क्षेत्रों को अपने दुश्मनों से सुरक्षा के लिए 'बफर ज़ोन' मानता है। नेतनयाहू ने इन क्षेत्रों से हटने के सभी अनुरोधों को खारिज कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि वार्ता का परिणाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के रुख पर निर्भर करेगा, और यदि इज़राइल समझौते का सम्मान नहीं करता है तो ट्रम्प जवाबी कार्रवाई करने का फैसला कर सकते हैं। यह स्थिति दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा सकती है।