इज़राइल के अधिकारियों ने अमेरिका और ईरान के बीच आगामी शांति समझौते पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह समझौता स्विट्जरलैंड के जेनेवा में 19 जून 2026 को औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया जाएगा। इज़राइल का मानना है कि इस समझौते से उन्हें दरकिनार कर दिया गया है और उनकी चिंताओं को अनसुना किया गया है। कुछ अधिकारियों ने तो यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनके साथ विश्वासघात किया है। यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित है और इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। इज़राइल इस समझौते को अपनी सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देखता है और इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह कर रहा है। इस मुद्दे पर इज़राइल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है।
