इजरायली अटॉर्नी जनरल ने राज्य नियंत्रक चुनाव में लगे घोटाले की जांच के लिए पुलिस से मांग की है। यह मामला तब शुरू हुआ जब एक विधायक, हास्केल ने दावा किया कि लिकुड पार्टी के सांसदों को गुप्त मतदान में प्रधानमंत्री के पसंदीदा उम्मीदवार के लिए वोट करते हुए खुद को फिल्म करने के निर्देश दिए गए थे। लिकुड पार्टी ने अब उच्च न्यायालय से हास्केल के हलफनामे को खारिज करने का अनुरोध किया है। यह आरोप लगे हैं कि मतदान प्रक्रिया में अनियमितताएं थीं और गोपनीयता भंग की गई थी। अटॉर्नी जनरल के आदेश के बाद, पुलिस अब इस मामले की गहन जांच करेगी। यह मामला इजरायली राजनीति में एक गंभीर मुद्दा बन गया है, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। जांच के निष्कर्षों का इजरायली राजनीतिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।