अल जज़ीरा की एक जाँच में इजरायली हिरासत में फ़लस्तीनी कैदियों के साथ दशकों से चल रहे कथित अत्याचार और यौन हिंसा का खुलासा हुआ है। यह जाँच इजरायल के सबसे गहरे राज़ों में से एक को उजागर करती है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इजरायली सुरक्षा बलों ने फ़लस्तीनी कैदियों को व्यवस्थित रूप से प्रताड़ित किया है, जिसमें यौन हिंसा भी शामिल है। पीड़ितों के गवाहों और वकीलों के बयान इस बात की पुष्टि करते हैं कि ये अत्याचार व्यापक और व्यवस्थित थे। इजरायल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन जाँच से गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित कराएगा। जाँच में उजागर किए गए सबूतों से इजरायल की न्याय प्रणाली और हिरासत नीतियों पर भी सवाल उठते हैं।