हाल ही में सामने आए आरोपों के अनुसार, इज़राइल द्वारा फ़लस्तीनियों के खिलाफ़ इस्तेमाल किए जा रहे अत्याचार की रणनीति नई नहीं है। यह रणनीति ब्रिटिश और फ्रांसीसी औपनिवेशिक शक्तियों द्वारा विकसित की गई यौन हिंसा की श्रृंखला से उपजी है, जिसे इज़राइल ने अपनाया है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि फ़लस्तीनी महिलाओं और पुरुषों को व्यवस्थित रूप से यौन उत्पीड़न, बलात्कार और अन्य प्रकार के यौन हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह व्यवहार दशकों से चल रहे कब्जे और उत्पीड़न का हिस्सा है। इज़राइल ने इन आरोपों का खंडन किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। यह मामला औपनिवेशिक इतिहास और मानवाधिकारों के उल्लंघन के बीच संबंधों पर भी प्रकाश डालता है। इस मुद्दे पर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है और जवाबदेही की मांग जोर पकड़ रही है।