इस्लाम में आर्थिक असमानता को कम करने और समाज में शांति स्थापित करने के लिए पाँच महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लेख किया गया है। ये सिद्धांत संसाधनों के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं। इन सिद्धांतों का पालन करने से धन का समान बंटवारा हो सकता है, जिससे समाज में व्याप्त विषमता कम हो सकती है। ये सिद्धांत आर्थिक न्याय और सामाजिक सामंजस्य को बढ़ावा देने में सहायक हैं। इनका उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ सभी को समान अवसर मिलें और कोई भी आर्थिक रूप से वंचित न रहे। इन सिद्धांतों के माध्यम से, इस्लाम एक न्यायपूर्ण और संतुलित आर्थिक व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास करता है।
