आगामी राष्ट्रीय संसदीय चुनाव से पहले, जमायत-ए-इस्लामी के अमीर डॉ. शफिकुर रहमान ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर कर छूट वाली गाड़ियों का उपयोग नहीं करेगी और आवश्यकता पड़ने पर रिक्शा से यात्रा करेगी। उन्होंने सरकारी प्लॉट या फ्लैट लेने से भी इनकार किया था। हालांकि, अब उसी पार्टी के एक सांसद ने संसद में सरकारी आवास के लिए पर्दे, वाशिंग मशीन और माइक्रोवेव ओवन की मांग की है। इस घटना ने विभिन्न हलकों में चर्चा छेड़ दी है। कुछ लोगों का कहना है कि यह पार्टी के भीतर विरोधाभास को दर्शाता है। यह मामला जमायत के सिद्धांतों और व्यवहार के बीच की दूरी को उजागर करता है। इस मांग से पार्टी की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह देखना होगा कि पार्टी इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देती है।