इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, भोजन की बर्बादी एक निंदनीय कृत्य है। अक्सर, लोग खाने की मेज पर कुछ मात्रा में भोजन छोड़ देते हैं या अपनी पसंद के अनुसार न होने पर उसे फेंक देते हैं, जिसे इस्लाम में गलत माना गया है। यह व्यवहार न केवल भोजन के प्रति अनादर दर्शाता है, बल्कि उन लोगों के प्रति असंवेदनशीलता भी दिखाता है जिनके पास भोजन प्राप्त करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं। इस्लामी शिक्षाओं में भोजन का सम्मान करना और उसकी बर्बादी से बचना महत्वपूर्ण माना गया है। इस संदर्भ में, खाने की मेज पर आवश्यकतानुसार ही भोजन लेना और बचे हुए भोजन का सदुपयोग करना प्रोत्साहित किया जाता है। भोजन की बर्बादी को अल्लाह की नापसंदगी का कारण माना जाता है और इसे त्यागने की सलाह दी जाती है।