इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम शुरू हो गया है। पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने इसे ‘अल्लाह का महीना’ बताया है। यह महीना इस्लामी नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और मुसलमानों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। मुहर्रम में कुछ कार्य करने और कुछ से बचने की सलाह दी जाती है, जो इस्लामी मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। यह महीना आत्म-चिंतन, प्रार्थना और अल्लाह के प्रति समर्पण का समय है। मुहर्रम की शुरुआत के साथ ही, मुसलमान नए हिजरी वर्ष के लिए प्रार्थना करते हैं और अल्लाह से मार्गदर्शन और आशीर्वाद मांगते हैं। इस महीने में धार्मिक अनुष्ठानों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
