সিলেটের जिला প্রশাসক (डीसी) सरवर आलम के अचानक तबादले ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में विवाद पैदा कर दिया है। यह कदम हजरत शाहजलाल (र.) की दरगाह में दान के तीन बर्तनों को सील करने के महज तीन दिन बाद उठाया गया है। इस फैसले से হেফাজत, खिलाफत और जमात जैसी प्रमुख इस्लामी पार्टियां बेहद आहत और नाराज हैं। इन संगठनों का दावा है कि डीसी के खिलाफ एक गहरी साजिश रची गई है। उनका मानना है कि दान बक्सों और फंड प्रबंधन में सुधार के प्रयासों के कारण यह कार्रवाई की गई है। साथ ही, मजार क्षेत्र में नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को भी इस तबादले की मुख्य वजह बताया जा रहा है। इस्लामी दलों ने इस प्रशासनिक निर्णय की कड़ी निंदा की है।