इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम है और इस महीने में कई धार्मिक कार्य किए जाते हैं। इनमें से दो महत्वपूर्ण व्रत हैं - तसुआ, जो मुहर्रम की 9 तारीख को रखा जाता है, और आशूरा, जो 10 तारीख को रखा जाता है। ये व्रत मुसलमानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इन व्रतों की उत्पत्ति यहूदी परंपराओं से हुई है, हालांकि इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है। मुहर्रम में इन व्रतों का पालन करने का धार्मिक महत्व है और मुसलमान इन्हें श्रद्धापूर्वक मनाते हैं। इन व्रतों के पीछे का इतिहास और महत्व विभिन्न समुदायों में अलग-अलग ढंग से समझा जाता है।