मर्डी-डार्लिंग बेसिन प्राधिकरण (एमडीबीए) के खिलाफ 28,000 किसानों द्वारा दायर एक लंबे समय से चले आ रहे सामूहिक मुकदमे में एमडीबीए विजयी रहा है। किसानों ने दावा किया था कि एमडीबीए के कुप्रबंधन के कारण उन्हें लाभ का नुकसान हुआ और पानी की कीमतें बढ़ गईं। यह मुकदमा $1.5 बिलियन का था, लेकिन अदालत ने किसानों का दावा खारिज कर दिया। किसानों का आरोप था कि प्राधिकरण ने पानी के संसाधनों का उचित प्रबंधन नहीं किया, जिससे उनकी आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। एमडीबीए ने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि उसने पानी के संसाधनों का प्रबंधन राष्ट्रीय हित में किया है। अदालत के इस फैसले से पानी के अधिकारों और बेसिन प्रबंधन से जुड़े मुद्दे फिर से उठ खड़े होंगे। यह फैसला ऑस्ट्रेलिया के सिंचाई समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है।

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